
ब्लॉग ने अपने 10 साल पूरे कर लिए हैं। इन दस सालों के इतिहास में ब्लॉग अनेक पड़ावों से गुजरा। पूरे विश्व में ब्लॉग ने एक मायने में क्रांति ला दी। अंतरजाल से जुड़ा हरेक व्यक्ति मुखर हो उठा और अपनी अभिव्यक्ति को सार्वजनिक करने लगा।
इन अभिव्यक्तियों के बीच मत-मतांतर भी उभरे। वहीं सार्थक बहस भी हुई।
व्यक्ति-व्यक्ति के करीब आया। दूरियां मिटी। और तो और संगठन भी बने। इन संगठनों ने इस भ्रांति को पाट दिया कि इंटरनेट से जुड़ा व्यक्ति स्क्रीन तक सिमट कर रह जाएगा। ये संगठन काफी सक्रिय रहे और व्यक्ति की प्रत्येक रूचि के पोषक बने।
इन्हीं संगठनों के बीच में से 'राजस्थान ब्लॉगर्स एसोसिएशन' उभर कर सामने आया है।
यह संगठन मूलत: राजस्थान के ब्लॉगर्स का साझा मंच है। अन्य प्रांतों की भांति राजस्थान ने भी ब्लॉगिंग में खासा प्रगति की है। आज दिनांक तक राजस्थान में लगभग 26,000 ब्लॉगर्स हैं। इन 26 हजार ब्लॉगर्स में से चूरू जिले के लगभग 100 ब्लॉगर्स हैं। ऐसी सूरत में चूरू से 'राजस्थान ब्लॉगर्स एसोसिएशन' का गठन होना एक सुखद अहसास है।
'राजस्थान ब्लॉगर्स एसोसिएशन' अर्थात् आरबीए का ध्येय रहेगा कि यह राजस्थान के ब्लॉगर्स को संगठित करके एक मंच पर लाए। सेमिनार, गोष्ठियों का आयोजन करे और उनमें उठे सवालों को हल करे।
आरबीए प्रयास करेगा कि राजस्थान में ब्लॉगिंग की गति और बढ़े। इसी निमित्त आरबीए लक्ष्य रखता है कि सन् 2010 के अंत तक राजस्थान में लगभग 50 हजार ब्लॉगर्स हों। आरबीए इस दिशा में प्रयास करेगा कि कम्प्यूटर से जुड़ा व्यक्ति इंटरनेट से जुड़े और इंटरनेट से जुड़ा व्यक्ति ब्लॉगिंग से जुड़े। आरबीए इस निमित्त विभिन्न स्थानों पर नि:शुल्क प्रशिक्षण शिविर लगाएगा, जिनके माध्यम से नए लोगों को ब्लॉग बनाने की प्रक्रिया से अवगत कराते हुए उन्हें ब्लॉगर्स के रूप में विकसित किया जाएगा।
आरबीए प्रति वर्ष के श्रेष्ठ परिणामदाता ब्लॉगर्स को सम्मानित करने की मंशा भी रखता है। इंटरनेट के बारे में भ्रांति बनी हुई है कि इसका दुरूपयोग ज्यादा होता है। इस भ्रांति को मिटाते हुए जो ब्लॉगर्स सदुपयोग के गुर सिखाएगा, आरबीए उसे सम्मानित कर प्रसन्नता का अनुभव करेगा।
आरबीए एक स्वतंत्र मंच बनने का प्रयास करेगा। यह मूल रूप से एक एनजीओ के रूप में स्थापित होगा और 'बिना लाभ बिना हानि' के सिद्धांत पर काम करेगा। आरबीए राजस्थान के ब्लॉगर्स को अपना सदस्य बनाएगा और प्रति वर्ष सदस्यों के साझा-प्रयासों से एक कांफ्रेस कराने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
आरबीए किसी की बपौती न बने इसलिए आरबीए का 'राजस्थान संस्था रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1958' के तहत पंजीकरण कराया जाएगा और विधिवत प्रत्येक वर्ष चुनाव कराए जाएंगे।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया से गुजरते हुए आरबीए को एक स्वस्थ और सक्रिय संगठन के रूप में विकसित किया जाएगा।
इन संकल्पों और उद्श्यों की सहभागिता के लिए खुले दिल से राजस्थान के ब्लॉगर्स आरबीए की सदस्यता हेतु सादर आमंत्रित हैं।
- कृपया अपने ब्लॉग के नाम, परिचय और संपर्क सत्र सहित rajasthanbloggers@gmail.com पर आवेदन करें। आरबीए अपने सदस्यता रजिस्टर में समस्त रिकॉर्ड संधारित कर आपको सदस्य के रूप में आरबीए की ब्लॉग पर नामांकित कर लेगा।
आपकी सक्रियता और सहयोग के प्रति आरबीए सदैव आभारी रहेगा।